गंगापार, फरवरी 17 -- मेजा, हिन्दुस्तान संवाद। तहसील मुख्यालय से लगभग बीस किलोमीटर के दायरे में मौजूद मेजा का पठारी इलाका पत्थर माफियाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है,वहीं दूसरी ओर जंगली जीवों व स्थानीय लोगों के लिए क्रसर प्लांट जांनलेवा साबित हो रहे हैं। मेजा के भटौती दो दशक पहले इक्का-दुक्का क्रसर प्लांट हुआ करते थे, अब ऐसा नहीं है, अकेले भटौती पहाड़ी पर दर्जन भर से अधिक क्रसर प्लांट गड़गड़ गड़ाहट के साथ पत्थर तोड़ने के काम में लगे हुए हैं। उधर कोहड़ार बाजार से कुछ दूर पठारी इलाके में भी क्रसर प्लांटों का दायरा बढ़ता जा रहा है। आसपास के गांवों के लोगों को कहना है कि दो दशक पहले जहां पठारी क्षेत्र में घना जंगल हुआ करता था, दुलर्भ प्रकार की जंगली जीव स्वच्छन्द विचरण करते थे, अब ऐसा नहीं रह गया है, शोरगुल व धमाका होने तथा जंगली पेड़-पौधों के कट जाने...