नई दिल्ली, फरवरी 20 -- भारत के हिल स्टेशन घूमने की बात हो और मॉल रोड का जिक्र ना आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। शिमला की मॉल रोड हो, मसूरी की पहाड़ी सैरगाह या नैनीताल की झील के किनारे चलती सड़क- मॉल रोड हर हिल स्टेशन की पहचान बन चुकी है। यहां लोग ना सिर्फ शॉपिंग और स्ट्रीट फूड का मजा लेते हैं, बल्कि ठंडी हवा, पहाड़ों के नजारे और शाम की सैर का सुकून भी महसूस करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर भारत के ज्यादातर हिल स्टेशनों में मॉल रोड क्यों होती है? क्या यह सिर्फ टूरिज्म के लिए बनाई गई है या इसके पीछे कोई ऐतिहासिक कारण छिपा है? दरअसल, मॉल रोड की कहानी ब्रिटिश काल से जुड़ी है, जब इसे सामाजिक मेल-जोल, सैर और व्यापार के केंद्र के रूप में विकसित किया गया था।मॉल रोड क्या होती है? मॉल रोड आमतौर पर पहाड़ों के बीच एक समतल और चौड़ी सड़क होती है...