नई दिल्ली, फरवरी 14 -- उत्तर भारत का मौसम इस बार आधी जनवरी के बाद से ही बदलने लगा। दिन में हो रही तेज धूप, तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि अगर फरवरी में ही अप्रैल-मई जैसी धूप होने लगी तो यह गेहूं और अन्य रबी की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित होगी। बीते पांच दिनों से दिन में होने वाली गर्मी को लेकर किसानों के माथे पर पसीना आने लगा है। वहीं दिन और रात के तापमान में 17 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखा जा रहा है। जो गर्मी होली के बाद पड़ती थी वह फरवरी के शुरुआत से ही पड़ने लगी है। गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं दिल्ली के सफदरजंग का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।उत्तर भारत में क्यों पड़ने लगी गर्मी उत्तर भऱत में आम तौर पर फरवरी के पहले सप्ताह तक कोहरे का ...
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