नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- तबीयत खराब नहीं है, कोई समस्या नहीं हो रही, फिर डॉक्टर के पास जाने की जरूरत क्या है। आम भारतीयों की सोच यही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ यानी गाइनेकोलॉजिस्ट के पास जाना तो हमारे यहां तब तक जरूरी नहीं समझा जाता, जब तक पीरियड से जुड़ी कोई गंभीर समस्या न हो जाए या फिर महिला गर्भवती हो जाए। पर, डॉक्टर के पास बीमारियों के इलाज के लिए ही नहीं बल्कि बीमारियों से बचने के लिए भी जाना जरूरी होता है। महिलाओं को हर साल या कम से कम तीन साल में एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से अपनी कुछ जरूरी जांच जरूर करवानी चाहिए फिर चाहे वो सेक्सुअली सक्रिय हों या नहीं। शरीर में पनप रही असामान्यताओं की शुरुआती चरण में ही पहचान और उपचार हमेशा से ज्यादा प्रभावी होता है।क्या जांचती हैं स्त्री रोग विशेषज्ञ? गाइनेकोलॉजिकल स्क्र्रींनग में यह सुनिश्चित किया जा...
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