नई दिल्ली, जून 26 -- ईरान के परमाणु स्थलों पर हाल में हुए अमेरिकी हमलों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। यह अध्याय या तो बेहतर साबित हो सकता है या फिर और भी बुरा। लगभग आधी सदी के दौरान दुनिया ने दोनों देशों के बीच दुश्मनी के कई दौर देखे हैं। ईरान के लिए जहां अमेरिका "सबसे बड़ा शैतान" है तो वहीं अमेरिका की नजर में ईरान पश्चिम एशिया में "फसाद की जड़" है। हालांकि इस दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लहजे में एक बदलाव भी दिखा जब उन्होंने कहा, "ईश्वर ईरान का भला करे।" यह बदलाव इस सप्ताह ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिका की भीषण बमबारी, कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के जवाबी लेकिन संयमित हमले और इजरायल-ईरान युद्ध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किए गए अस्थायी युद्ध विराम के बाद आया है। एक अ...
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