नई दिल्ली, जनवरी 12 -- भारतीय क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद से हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी की कमी महसूस की गई जो मुश्किल समय में मैच को संभाल सके और टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे। अक्सर फैंस को लगता है कि 'फिनिशर' का मतलब केवल रिंकू सिंह या हार्दिक पांड्या की तरह बड़े छक्के मारना है, लेकिन आंकड़ों की मानें तो केएल राहुल ने चुपचाप खुद को धोनी के आधुनिक विकल्प के रूप में तैयार कर लिया है। धोनी की सबसे बड़ी ताकत मैच के अंत तक क्रीज पर टिके रहना थी। सफल रन-चेज (लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत) में धोनी 75 पारियों में से 47 बार नाबाद रहे थे। राहुल ने भी अब उसी दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, सफल चेज की अपनी 25 पारियों में से राहुल 13 बार नाबाद रहे हैं। इसका मतलब है कि 52% बार जब भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता ...
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