नई दिल्ली, जुलाई 11 -- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की किताब 'आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत' अब छात्रों को नहीं पढ़ाई जाएगी। किताब को लेकर सियासी संग्राम इतना तेज हुआ कि सरकार ने न सिर्फ किताब पर रोक लगा दी, बल्कि बोर्ड में पदस्थ सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर दिनेश कुमार ओझा को एपीओ कर शिक्षा निदेशालय बीकानेर भेज दिया गया है। सरकार के इस कदम को लेकर शिक्षा जगत से लेकर राजनीति तक चर्चाएं गरमा गई हैं। दरअसल, इस किताब में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह जैसे कांग्रेसी नेताओं की भूमिका को प्रमुखता से दर्शाया गया है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का जिक्र बहुत सीमित बताया गया है। इसी आधार पर सरकार ने इस पुस्तक को "एकतरफा और वैचारिक रूप से पक्षपाती" बताते हुए छात्रों को न पढ़ाने का फै...
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