नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। भारत ने इस हमले के जवाब में कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और तीन पाकिस्तानी सैन्य राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश देना शामिल है। जवाब में, पाकिस्तान ने 1972 के शिमला समझौते को निलंबित करने का फैसला किया है, और अब खबरें हैं कि वह 1966 के ताशकंद समझौते को भी रद्द कर सकता है। अगर पाकिस्तान ताशकंद संधि को भी निलंबित करता है तो इससे भारत को फायदा होगा या नुकसान? आइए विस्तार से समझते हैं।क्या है ताशकंद समझौता? ताशकंद समझौता 10 जनवरी, 1966 को भारत और पाकिस्तान के बीच उज्बेकिस्तान के ताशकंद में साइन की गई एक शांति संधि थी। यह समझौता 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने के लिए हुआ, जिसकी मध्यस्थता सोवियत संघ के प्री...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.