नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- आजकल के भागदौड़ भरे व्यस्त जीवन में माइक्रोप्लास्टिक्स और एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स (EDCs) दबे पांव रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। हाल की रिसर्च के मुताबिक ये माइक्रोप्लास्टिक्स (प्लास्टिक के सूक्ष्म कण) और एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स (EDCs) महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुके हैं। पैकेज्ड फूड, प्लास्टिक की बोतलें, कॉस्मेटिक्स, घर की सफाई के प्रोडक्ट्स और यहां तक कि हवा के जरिए भी ये केमिकल्स चुपचाप शरीर में पहुंच रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ये तत्व शरीर के हार्मोन सिस्टम में दखल देते हुए महिलाओं की प्रजनन सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।क्या कहते हैं एक्सपर्ट सीके बिरला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति खेतान के अनुसार माइक्रोप्लास्टि...
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