नई दिल्ली, जनवरी 27 -- पिछले कुछ सालों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले डीजल और पेट्रोल गाड़ियां बाजार पर राज करती थीं, वहीं अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पर्यावरण के प्रति जागरूकता और फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने इस बदलाव को और स्पीड दी है। नॉर्वे जैसे देश में इस साल के आखिरी तक 100 फीसद तक पेट्रोल और डीजल कारें बिकना बंद हो जाएंगी। मतलब कि इस यूरोपीय देश में शायद अगले कुछ सालों में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों का वजूद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। लेकिन, सवाल यह है कि क्या भारत समेत पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स डीजल और पेट्रोल गाड़ियों को पूरी तरह से रिप्लेस कर पाएंगी? आइए इस पर तैयार एक खास रिपोर्ट पर नजर डालते हैं। यह भी पढ़ें- फरवरी से बढ़ेगी डिजायर और होंडा की की...
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