नई दिल्ली, जून 10 -- राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है। 11 जून को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दौसा में होने वाला श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक भावनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में संभावित सियासी मेल-मिलाप का मंच भी बन सकता है। इस मौके पर कांग्रेस के दो ध्रुव-पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट-एक साथ मंच साझा करेंगे, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं। पिछले कई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस दो खेमों में बंटी रही है-गहलोत और पायलट गुट। यह विभाजन कई बार सरकार के अस्तित्व तक को चुनौती देता नजर आया, खासकर 2020 में जब पायलट खेमे की बगावत ने पार्टी को संकट में डाल दिया था। लेकिन इस बार जो तस्वीर उभर रही है, वह बीते तनावों के उलट है।...
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