दिल्ली, मई 16 -- रेल और बस सेवाएं बेहतर होने से प्रदूषण कम हो सकता है, हवा स्वच्छ हो सकती है और सड़कों पर भीड़-भाड़ भी कम हो सकती है.हालांकि, सवाल यह है कि क्या ऐसा होने पर भी कार से चलने वाले लोग अपनी आदत बदल पाएंगे?इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता की सड़कों पर लगभग दो हजार नीली और सफेद छोटी बसें इधर-उधर आती-जाती दिखती हैं.ये शहर के हर कोने से लोगों को लाती-ले जाती हैं.इसका फायदा यह होता है कि लोगों को पार्किंग यानी अपनी गाड़ी किसी सुरक्षित जगह पर खड़ी करने की चिंता किए बगैर, अपनी जरूरत के हिसाब से कहीं भी आने-जाने में आसानी होती है.छोटी बसों का यह नेटवर्क 1 करोड़ 10 लाख की आबादी वाले इस बड़े शहर की एक बड़ी समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है.वह समस्या है सड़कों पर बहुत ज्यादा गाड़ियां.जकार्ता ऐसा अकेला शहर नहीं है.वैश्विक स्तर पर कार, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.