नई दिल्ली, फरवरी 19 -- जिस फार्मास्युटिकल कंपनी के कफ सिरप के सेवन से उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर 18 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी, उससे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूछा, ''क्या आपको पता है कि इससे देश की छवि को कितना नुकसान हुआ है?'' प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने उस आदेश को रद्द करने से मना कर दिया, जिसमें कंपनी और उसके कुछ अधिकारियों को एक शिकायत पर तलब किया गया था, जिसमें मानक रहित दवाओं के विनिर्माण और बिक्री सहित कई नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। पीठ ने कहा, ''सिर्फ पैसों के लिए, आप इसमें शामिल हुए? इससे देश की छवि खराब हुई है।'' कंपनी और उसके अधिकारियों के वकील ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे पता चले कि सिरप पीने से किसी की मौत हुई है। यह...