नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- आज के दौर में बच्चों का बचपन खेल-कूद से ज्यादा 'चिंता'(एंग्जायटी) की गिरफ्त में है। कभी पढ़ाई का भारी बोझ, तो कभी सोशल मीडिया पर खुद को दूसरों से बेहतर दिखाने की होड़- इन सब बातों ने आज के दौर में बच्चों की मासूमियत को तनाव में बदलकर रख दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी हमारी 'ओवर-पैरेंटिंग' भी उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर देती है? सीके बिरला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम सिदाना, कहती हैं कि जब हम बच्चों को हर छोटी समस्या से बचाने की कोशिश करते हैं, तो उसे खुद से मुश्किलें संभालने और सीखने का अवसर नहीं मिलता, जिससे उनके भीतर मुकाबला करने की क्षमता, आत्मनिर्भरता और भावनात्मक मजबूती विकसित नहीं हो पाती। इसके अलावा, बच्चे माता-पिता के तनाव और समाज में फैली अस्थिरता को भी बहुत गहराई से महसूस करते हैं, ज...