नैनीताल, दिसम्बर 15 -- नैनीताल, संवाददाता। कुमाऊं विश्वविद्यालय में मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के तत्वावधान में सोमवार को भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित नवीन पहलुओं से अवगत कराते हुए उनके ज्ञान और कौशल को उन्नत करना है। कुमाऊं विवि में आयोजित कार्यशाला में डॉ. रुचिका सिंह, डॉ. प्रशांत मुख्य वक्ता रहे। डॉ. रुचिका ने बताया कि भारत में मौखिक, लिखित, चित्रकला समेत विभिन्न प्रकार की समृद्ध ज्ञान परंपराएं रही हैं। बताया कि कौशल को दोगुना करने के लिए सभी प्रकार के ज्ञान को समग्र रूप से समझना आवश्यक है। साथ ही शोध के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों, ज्ञान के स्वरूप में हो रहे परिवर्तनों और उनके समाधान पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा ...
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