नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- कल यानी 4 दिसंबर की शाम से दिल्ली की हलचल भरी सड़कों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का काफिला सरपट दौड़ रहा है। एयरपोर्ट से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निजी डिनर, फिर आज राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर, राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि और अब हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता। यह दो दिवसीय दौरा भारत-रूस के 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जहां रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर समझौते होने की उम्मीद है। लेकिन इस दौरे की खासियत सिर्फ समझौतों तक सीमित नहीं। पुतिन का स्वागत हो रहा है एक ऐसे ऐतिहासिक महल में, जो कभी हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्मान अली खान की शाही ठाठ-बाट का प्रतीक था। आज यही हैदराबाद हाउस विदेशी मेहमानों की भव्य मेजबानी का केंद्र है, जहां मोदी-पुतिन की बैठक हो रही ह...
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