झांसी, जनवरी 2 -- साल 2026 का दूसरा दिन घना कोहरा, गलन, शीतलहर और ठिठुरन के नाम रहा। रात से तनी सफेद चादर ने आठ घंटे रफ्तार थाम दी तो बादलों ने धूप। शुक्रवार झांसीवाले सूरज के दीदार को तरस गए। लोगों ने रजाई-कंबल, हीटर, ब्लोअर, रूम हीटर, अंगीठी, बरोसी, अलाव का सहारा लिया। वहीं शाम गहरी होते ही सर्दी ने कंपकंपी छुड़ा दी। शुक्रवार पूरब-पश्चिम दिशाओं से चल रही हवाओं से लोग तन से गर्म कपड़े हटाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अलाव के सहारे दिनचर्या शुरू तो इसी के साथ खत्म भी। भोर से पछुआ तीर सी चुभी। सुबह 7.02 बजे सूर्योदय हुआ। लेकिन, सूरज नहीं निकला। चार बजे तनी सफेद चादर से झांसी-कानपुर, ललितपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, मिर्जापुर हाइवे किनारे वाहन लाइट्स ऑन कर कोहरा घटने का इंतजार करते थे। सुबह 11.30 बजे के करीब कोहरे की विजीविलिटी कुछ घटी। 12.30 बजे हल...
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