सहरसा, जनवरी 7 -- नवहट्टा, एक संवाददाता। कोसी नदी में नेपाल स्थित कोसी बैराज से हर वर्ष आने वाले पानी के साथ भारी मात्रा में बालू और गाद बहकर आने से नदी की गहराई लगातार कम होती जा रही है। गाद के जमाव के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे कोसी की मुख्य धारा हर साल अपना रुख बदल लेती है। नदी के एक हिस्से में गाद भरने के बाद अगले वर्ष पानी दूसरी दिशा में बहने लगता है, जिससे नदी का स्वरूप अस्थिर बना हुआ है। नदी की गहराई कम होने का सीधा असर जलीय जीवन पर भी पड़ रहा है। कभी कोसी नदी में प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली मछलियां अब लगभग समाप्ति की कगार पर हैं। दशकों पहले मिलने वाली बड़ी मछली प्रजातियां जैसे भुना, रेहू और कातर अब दिखाई नहीं देतीं। गाद भरने से नदी के भीतर बने गहरे गड्ढे और मोईन समाप्त हो गए हैं, जिससे मछलियों के रहने ...