सहरसा, फरवरी 12 -- सहरसा, नगर संवाददाता। नवजागरण मंच के संस्थापक प्रो भवानंद मिश्र ने कहा कहा कि जिन बहुउद्देशीय दृष्टिकोण से कोसी बराज एवं तटबंध का निर्माण हुआ वह आज तक पूर्ण नहीं हो पाया। पूर्णिया से दरभंगा तक लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र में कोसी सदियों से विध्वंस लीला मचा रही थी। जिसे लगभग 6-7 दशक पूर्व दो तटबंधों के अंदर बांध दिया गया। तब से दो तटबंध के अंदर की मानवता कराह रही है। तटबंध के अंदर प्रतिवर्ष धन-जन की हानि होने के साथ-साथ ततबंध के बाहर दो किलोमीटर तक सीपेज के कारण जल- जमाव की समस्या विकराल बनी रहती है। आज दोनों तटबंधों के अंदर 50 वर्ष पुराना कोई घर- मकान नहीं है,कोई पेड़ नहीं है।तटबंधज्ञ के अंदर जमीन कटाव का मुआवजा का कोई प्रावधान अब तक नहीं हुआ है। कुसहा की तरह अब तक पांच बार तटबंध टूटकर विनाश का तांडव हुआ है, किंतु कोई मुआव...
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