प्रयागराज, जुलाई 27 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों को नसीहत देते हुए उनसे कोर्ट में सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की है। कोर्ट ने मुवक्किल की दूसरी ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद न्याय कक्ष कक्ष में हंगामा करने और कार्यवाही में बाधा डालने के लिए एक अधिवक्ता के आचरण की कड़ी निंदा की। साथ ही कहा कि किसी याचिका पर आदेश हो जाने के बाद वकीलों को बहस नहीं करनी चाहिए। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने सचिन गुप्ता की दूसरी ज़मानत याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि न्याय कक्ष में सम्मानजनक व अनुकूल माहौल बनाए रखना और अपने मुवक्किलों के हितों का पूरी लगन से प्रतिनिधित्व करना अधिवक्ता का दायित्व है। कोर्ट ने आगे कहा कि वकीलों को न्यायालय की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करने की बजाय उसकी सहायता करनी चाहिए ताकि कार्यवाही व्यवस्थित और सम्मानजनक हो जिससे अंततः न...