रांची, जून 25 -- रांची। सिविल कोर्ट में पिछले शनिवार से अदालत में फाइल करने से पहले सभी कागजात की स्कैनिंग अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत सिर्फ किसी मामले के आरोपी कोर्ट में सरेंडर करता है तो उसके कागजात की स्कैनिंग बाद में की जाएगी। सरेंडर मामले में पहले स्कैनिंग की छूट है। सरेंडर करने के बाद संबंधित कोर्ट से फाइल की गई याचिका को स्कैनिंग के लिए भेज दिया जाएगा। इसके बाद उस याचिका पर आवेदन संख्या दिया जाएगा। वर्तमान में कागजात की स्कैनिंग के लिए तीन स्कैनर काम कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही इसकी संख्या तीन से बढ़ाकर सात की जाएगी, जिससे अधिवक्ताओं को कागजात स्कैनिंग कराने में समय की बचत होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.