बांदा, दिसम्बर 9 -- बांदा। संवाददाता सीजेएम कोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष और उनके विधायक पति पर तहबाजारी में 120 करोड़ के गबन, महाविद्यालय में फर्जी नियुक्ति व विकास कार्यों में कूटरिचत हस्ताक्षर करने के आरोप लगाए थे। अदालत ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष न तो पीड़ित पक्ष हैं और न ही प्रभावित। ऐसे में उनका प्रकरण निरस्त करने योग्य है।
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