बागपत, फरवरी 22 -- बड़ौत। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिगंबर जैन कॉलेज बड़ौत में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना है कि कोर्ट के अंतरिम आदेश के बावजूद नियुक्तियाँ की गईं, जो अवमानना की श्रेणी में आती हैं। न्यायालय ने प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश, उच्च शिक्षा निदेशक और प्रबंधन समिति के सचिव को तलब कर लिया है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब मामला रिट कोर्ट में लंबित था और 25 जुलाई 2025 को राज्य सरकार के 21 अप्रैल 2025 के आदेश पर रोक लगा दी गई थी, तब भी नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अदालत ने इसे गंभीर माना है। दरअसल, इससे पहले 21 जनवरी 2025 को रिट कोर्ट ने 6 मई 2024 के आदेश को निरस्त करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में न...
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