गंगापार, फरवरी 16 -- पहाड़ी क्षेत्र के साथ-साथ गरीब परिवारों की अधिक संख्या होने के कारण इस ब्लॉक को अन्य ब्लॉकों की अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आवास मिले हैं। वैसे तो 1982 से आवासों के देने की योजना शुरू हुई है लेकिन वर्ष 2016 से प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने इसे और विस्तारित कर दिया। गांवों के खपरैल और छप्पर वालों की किस्मत खुली और आज 90 प्रतिशत गरीबों को पक्की छत नसीब हो गई। वर्ष 2016 से अब तक इस ब्लॉक को 22741 प्रधानमन्त्री और 5306 मुख्यमन्त्री आवास मिले। जिसमें से प्रधानमन्त्री आवासों में से 22558 आवास बन गये जबकि 217 आवास किन्ही कारणों से नहीं बन पाए। इसी तरह 5306 मुख्यमन्त्री आवासों में से 663 मुख्यमन्त्री आवासों में कुछ में निर्माण चल रहा तो कुछ गांव छोड़कर चले जाने, मृत हो जाने तथा कुछ की धनराशि हजम कर जाने के कारण अधर में पड़े हु...