गंगापार, सितम्बर 1 -- तहसील प्रशासन ने कोरांव के किसानों को फिर एक बार निराश किया है। लगभग डेढ़ हजार हेक्टेयर बर्बाद हो चुकी धान और अन्य फसलों को मानक 33 प्रतिशत से कम मानते हुए जिला प्रशासन को रिपोर्ट आज तक नहीं भेजी गयी। जिसको लेकर किसानों में भारी निराशा है। तहसीलदार कोरांव अनिल बरनवाल ने बताया कि मानक से कम नुकसान होने के कारण किसी की भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। उनके अनुसार 17-18 जुलाई को लगभग 250 क्षतिग्रस्त मकानो की छतिपूर्ति के रूप में प्रति पीड़ित चार हजार रुपये दिए जा चुके हैं। इसी तरह 500 प्रभावित लोगों को राहत किट भी दिए गए हैं। इन गांवों की फसलों का हो चुका है नुकसान कोरांव तहसील में पिछले दिनों आई बाढ़ से अयोध्या, पटेहरी, सेमरी बाघराय, घेघसाही, चांदी सेमरिहा, पवांरी, खोचा, बिरहाकरपिया, पथरताल, कोरांव, तरांव, चपरो और सुहास आदि...
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