गढ़वा, फरवरी 23 -- कांडी, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र के सोन व कोयल नदी में तटबंध निर्माण की समस्या आजादी के 79 वर्ष के बाद भी जस का तस है। प्रखंड की जनता यह नहीं समझ पा रही है कि अब तक हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि सोन व कोयल नदी में समा चुके हैं लेकिन बार-बार की मांगों के बाद भी आज तक तटबंध का निर्माण नही होना समझ से परे है। कभी यहां से 2 किलोमीटर दूर उतर तरफ सोन नदी का किनारा था जो अब भूमि का कटाव होते होते दो किलोमीटर दक्षिण की ओर सोन नदी पहुंच चुका है। अभी तक दर्जनों गांव सोन नदी में समा कर बेचिरागी गांव के श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।लेकिन फिर भी यहां की बहरी व संवेदनहीन सरकार के ऊपर कोई असर नही हो रहा है। जब आम चुनाव या विधान सभा का चुनाव होता है सभी उमीदवारों ने एक स्वर में आश्वासन देते हैं कि एक बार सेवा करने का मौका दें जीतने के बाद मेरा ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.