धनबाद, फरवरी 19 -- धनबाद। भारत का कोयला क्षेत्र आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा का अगुवा है। कोयला खनन के लिए विभिन्न राज्य सरकारों और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ सक्रिय समन्वय जरूरी है। कोयले की वाणिज्यिक खनन के लिए आगामी नीलामी में भूमिगत खनन पर जोर होगा जो पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए कोयला निष्कर्षण के लिए एक स्थायी और कुशल दृष्टिकोण प्रदान करेगा। यह बात कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने बुधवार को कोलकाता में वाणिज्यिक खनन को लेकर कोल ब्लाक की नीलामी पर बुधवार को आयोजित रोड शो में कही। पूर्वी भारत में आयोजित यह रोड शो झारखंड,बंगाल,ओडिशा जैसे पूर्वी भारत के कोयला बहुल राज्यों को ध्यान में रखकर कोलकाता में आयोजित किया गया। कोयला सचिव ने कहा कि भारत में कोयले का विशाल भंडार है। देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज्यादा ...
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