कोडरमा, दिसम्बर 6 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। मदरसा सबीलुल हुदा, गजरे (कोडरमा) में उमरा ज़ायरीनों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनाब हज़रत मौलाना क़मरुद्दीन साहब मजाहिरी, अध्यक्ष जमीयत उलेमा कोडरमा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कारी कबीरउद्दीन फ़ुरकानी की तिलावत-ए-क़ुरआन और हाफ़िज़ हफ़ीज़ुल्लाह की नक़ाबत से हुई। हज़रत मौलाना क़ाज़ी नसीम साहब क़ासमी, हज़रत मौलाना मोहम्मद इलियास मजाहिरी, हज़रत मौलाना जौहर मजाहिरी ने अपने खुत्बों में कहा कि उमरा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि अल्लाह की बारगाह में आज़िराना बंदगी का अमली इज़हार है। उन्होंने ज़ायरीनों को एहराम के अहकाम, तवाफ़ व सई के तरीके, मसनून दुआएँ, और अख़लाक़ी आदाब के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। सफ़र के दौरान सब्र, आपसी सहयोग और ख़िदमत जैसे उसूलों ...