धनबाद, फरवरी 2 -- धनबाद, मुकेश सिंह बजट में इस्पात और सीमेंट जैसे कार्बन-गहन क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (सीसीयूएस) के लिए पांच वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे कोयला संबंधित उद्योगों को कार्बन उत्सर्जन कम करने में सहायता मिलेगी। भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) से छूट मिलेगी। वहीं कोयला मंत्रालय को वित्त वर्ष 2027 में कोयला गैसीकरण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिससे कोयले को कम कार्बन वाले ईंधन के लिए सिंथेटिक गैस में परिवर्तित किया जा सके और 2030 तक 10 करोड़ टन का लक्ष्य रखा गया है। खनिज-समृद्ध और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग का भी प्रावधान है। इधर बीसीसीएल के लिए महत्वपूर्ण यह ...