मधुबनी, अप्रैल 17 -- मधुबनी, निज संवाददाता। दी रहिका सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक द्वारा नाबार्ड के अनुदान से खरीदी गयी चलंत एटीएम आज शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है। लगभग 17 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया यह वाहन आज कार्यालय परिसर में खड़ा-खड़ा जर्जर होता जा रहा है। जिन उद्देश्यों के लिए इसकी खरीदारी की गई थी, वह कभी धरातल पर उतर ही नहीं सका। चलंत एटीएम को जिले के विभिन्न भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे प्रमुख बाजार, मेलों और पंचायतों में ले जाकर लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य था। इससे बैंक की पहुंच बढ़ती और व्यवसाय को भी गति मिलती। इसके साथ ही ग्राहकों के बीच यह संदेश भी जाता कि कोऑपरेटिव बैंक उनकी सेवा के लिए हमेशा तत्पर है। अधिकतर समय कार्यालय पर लगी रही वाहन: लेकिन वास्तविकता इसके ठीक उलट है। वाहन खरीद के बाद से ही यह अधिकतर समय बैंक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.