पूर्णिया, दिसम्बर 13 -- पूर्णिया, रणजीत।पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध प्रमाण पत्र के सहारे नामांकन पर से धुंध एक कॉलर का चेहरा साफ होते ही छंटेगा। चर्चा है कि संदिग्ध प्रमाण पत्र के सहारे नामांकन को लेकर काउंसिलिंग के लिए पहुंचे छात्र एवं उसके सहयोगी के पकड़े जाने के बाद से एक मोबाइल नंबर से पुलिस के विभिन्न लेवल के अधिकारियों को पैरवी आई थी। यह कॉल बिहार से बाहर का बताया जा रहा है। कॉलर ने पदाधिकारियों को धमकाने के लहजे में फोन किया था। कॉलर ने एक बड़े नेता का नाम लेकर छात्रों को छोड़ देने की पैरवी की थी। छात्रों के पकड़ाने के बाद जिस तरह ताबड़तोड़ पैरवी आ रही थी, उससे मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए बड़े मेडिकल माफिया गिरोह की संलिप्तता का पुलिस को अंदेशा है। कॉलर की हकीकत का पता लगाने के लिए मोबाइल नंबर को जांच के दायरे में ले लिया...