लखनऊ, फरवरी 24 -- प्रदेश में सड़क हादसे रोकने के लिए शासन और प्रशासन स्तर से योजनाएं बनाई जाती हैं। कार्यशालाओं और बैठकों में हादसों को रोकने के लिए चर्चा की जाती है। संकल्प लिया जाता है कि सीएम की प्राथमिकता के अनुसार हादसों में 50 फीसदी की कमी लाई जाएगी। लेकिन, ऐसा होता नहीं है। क्योंकि, शासन और प्रशासन गंभीर नहीं है। क्योंकि जिन्हें सड़क चलते कॉमर्शियल वाहनों की जांच करनी है, उन्हें दफ्तरों में बैठा रखा है। यदि उन्हें सड़क पर उतारा गया होता तो सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस पर शायद हादसा न होता और पांच जान बच जाती। परिवहन निगम में तैनात आरआई(रीजनल इंस्पेक्टर, तकनीकी) के पदनाम बदलते हुए प्रदेश सरकार ने पिछले साल ही उन्हें मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बना दिया। नए पद पर आने के बाद उन्हें सड़क पर उतर कर प्रवर्तन की टीमों के साथ सड़क पर चल रहे कॉ...
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