नई दिल्ली, जनवरी 28 -- मुस्लिम परिवारों में संपत्ति के बंटवारे के लिए पर्सनल लॉ का पालन किया जाता है, लेकिन मंगलवार को इस कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठा है। अदालत में खुद को एक्स-मुस्लिम कहने वाली महिला सफिया पीएम का कहना है कि पर्सनल लॉ की बजाय यदि कोई मुसलमान सेकुलर प्रॉपर्टी लॉ का पालन करना चाहे तो उसे अनुमति मिलनी चाहिए। यही नहीं महिला ने संपत्ति के अधिकार में शरिया कानून के तहत महिलाओं से भेदभाव का भी आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि शरिया कानून महिलाओं को पुरुषों की तुलना में आधी संपत्ति का ही अधिकार देता है, जो भेदभाव पूर्ण है। इसलिए यदि कोई मुस्लिम महिला चाहे तो उसे सेकुलर प्रॉपर्टी लॉ के तहत संपत्ति के बंटवारे का अधिकार मिलना चाहिए। महिला ने यह भी कहा कि भले ही उसने मुस्लिम परिवार में जन्म लिया है, लेकिन अब उसने मजहब छोड़ दिया...
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