आगरा, मई 26 -- सरकारी धन से खरीदे चिकित्सकीय उपकरणों की किस तरह से बेकद्री हो रही है। यह देखना हो तो स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में देखा जा सकता है। लाखों रुपये खर्च करके स्थापित किये गए 500 लीटर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट का उपयोग करना तो दूर उसके रखरखाव करने के लिए सर्विस तक विभाग नहीं कर पाता। कमोवेश यही हालात गंभीर स्थिति के मरीजों के लिए शासन की ओर से भेजे गए 22 वेंटिलेटर के संचालन को लेकर बनी हुई है। वेंटिलेटरों के लिए ऑपरेटरों की कमी बनी हुई है। जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोरोना काल में प्रशासन की मांग पर शासन ने चिकित्सीय संसाधनों के रूप में वेंटिलेटर भेजे गए। जिनमें गंजडुंडवारा में एक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया। इस पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए। जिससे गंजडुंडवारा, पटियाली, दरियाबगंज, भरगैन क्षेत्र के मरी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.