नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- अगर आपको अपनी कुंडली में ये पता लगाना हो कि आप कितने भाग्यशाली हैं, तो आपको अपनी कुंडली में नौवां स्थान देखना चाहिए। इस नौवें स्थान में नवम भाव को भाग्य, धन संपत्ति का भाव कहा जाता है । अगर आपको अपनी लाइफ में भाग्य, धर्म, पिता, गुरु, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा और आध्यात्मिक झुकाव की स्थिति देखनी हो तो आपको नौवां भाव देखना चाहिए। नवम भाव के स्वामी को नवमेश या भाग्येश कहते हैं। इस घर में आपको देखना है कौन सा ग्रह बैठा है। अगर शुभ ग्रह, जैसे गुरु, बुध और शुक्र हैं, तो समझ लें कि आने वाले समय में आपको कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर कोई पापी ग्रह जैसे राहु, केतु बैठा है तो आपको थोड़ा ध्यान देना होगा। कोई पाप ग्रह नीच राशि में स्थित या शत्रु राशि में स्थित अथवा अस्त होकर भाग्य भाव में बैठे, तो व्यक्ति के यश, धन की हानि होती ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.