भभुआ, जनवरी 7 -- तीन वर्षों में 451 कुपोषित बच्चों को कराया गया पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती, सबसे कम 88 बच्चे वर्ष 2024 में किए गए थे चिन्हित आशा कार्यकर्ता सर्वे के दौरान कुपोषित बच्चों को चिन्हित देती हैं रिपोर्ट कुपोषण से निजात दिलाने के लिए सरकार चला रही योजना व कार्यक्रम सबसे अधिक 240 कुपोषित बच्चों की वर्ष 2023 में की थी गई पहचान (हिन्दुस्तान खास/पेज तीन की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कैमूर जिले में हर वर्ष औसतन 150 कुपोषित बच्चे चिन्हित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 में सबसे अधिक 240 और वर्ष 2024 में सबसे कम 88 कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए। जबकि वर्ष 2025 में 123 कुपोषित बच्चे मिले हैं। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैमूर जिले में कराए गए सर्वे से सामने आया है। हालांकि इन बच्चों को स...