फरीदाबाद, फरवरी 19 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता।कैन एंड बैंबू हस्तशिल्प कला एक ही परिवार के पांच सदस्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला चुकी है। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में इसी परिवार से सुनील चंद्र नाम कैन एंड बैंबू हस्तशिल्प कला को लेकर पहुंचे हैं।यह कला पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस कला के लिए वर्ष 1982 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सुनील त्रिपुरा से मेले में आए हैं। उन्हें बांस की बारीक बुनाई से पाउडर केस तैयार करने पर दिया गया था। इसमें मनुष्य के बाल जितनी बारीक बांस की सीखों का प्रयोग किया गया था। इसके अलावा फलों की टोकरी सहित विभिन्न तरह की ट्रे बनाई हैं, जो एक सेंटीमीटर से भी छोटे हैं। यह अपने साथ बांस से बने विभिन्न तरह की वस्तुएं तैयार करते हैं। बांस से बनी वॉल हैंगिंग, ट्रे, गुलदान, ...
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