मनीष मिश्र, जून 4 -- उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां कमजोर ही नहीं होतीं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है। बढ़ती उम्र में दुष्प्रभाव को सीमित करने के लिए अमेरिका के वैज्ञानिकों ने इम्यूनोथेरेपी के जरिए रास्ता तलाशा है। प्रौढ़ चुहिया पर प्रयोग पूरी तरह सफल रहा। इस शोध में गोरखपुर की वैज्ञानिक डॉ. पल्लवी चतुर्वेदी भी शामिल रहीं। अब अगले चरण में बड़े जानवरों पर रिसर्च होगी। यह शोध पत्र अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एजिंग सेल में प्रकाशित हुआ है। आमतौर पर इम्यूनोथेरेपी का उपयोग कैंसर के इलाज में होता है। यही इम्यूनोथेरेपी टी-सेल और एनके-सेल की संख्या को बढ़ाने में कारगर मिली है। 30 प्रौढ़ चुहिया पर प्रयोग किए गए जिसके परिणाम सकारात्मक मिले। डॉ. पल्लवी ने बताया कि बुढ़ापे में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती। सामान्य बीमारियां भी गंभीर हो...
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