मुरादाबाद, फरवरी 11 -- मुरादाबाद। पचपन लाख खाताधारकों को अपना केवाईसी फिर से कराने के लिए बैंक की दौड़ लगानी होगी अन्यथा वह अपना बैंकिंग कार्य सुचारू रूप से नहीं करा सकेंगे-यह स्थिति उन सभी लोगों के सामने आई है जो कुछ अरसा पहले तक प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के खाताधारक थे। अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पंकज शरण ने बताया कि प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का यूपी ग्रामीण बैंक में विलय किया जा चुका है। जिसका प्रवर्तक बैंक ऑफ बड़ौदा है। जबकि, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का प्रवर्तक बैंक पीएनबी था। प्रवर्तक बैंक बदल जाने की वजह से खाताधारकों की तरफ से पूर्व में कराया केवाईसी (नो योअर कस्टमर) निष्क्रिय हो गया है। खाताधारकों को अब इसे दोबारा कराना होगा। अपनी ब्रांच में पहुंचकर आधार आदि दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे जिससे वह अपनी बैंकिंग सेवाओं को सुचारू रख सकेंग...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.