मुजफ्फरपुर, जून 13 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। मैट्रिक-इंटर के अंकपत्रों को लेने से पहले इसबार कुशल युवा कार्यक्रम में पंजीयन कराने की अनिवार्यता कर दी गई है। जिले में 80 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। बच्चे जब स्कूल पहुंच रहे हैं तो उन्हें कहा जा रहा कि पहले केवाईसी रसीद लेकर आइये। इसके बाद ही अंकपत्र समेत अन्य सर्टिफिकेट मिलेंगे। हर दिन 800 से 1500 छात्र-छात्राएं इसे लेकर सिकन्दरपुर स्थित डीआरसीसी में पहुंच रहे हैं। स्थिति यह कि पांच से छह घंटे खड़े रहने के बाद भी बिना केवाईसी के इन्हें लौट जाना पड़ रहा है। डीआरसीसी में बच्चे बिना पानी और पंखा के घंटों खड़े रहने से बेहोश तक हो जा रहे हैं। इन बच्चों की भीड़ संभालने के लिए अबतक डीआरसीसी में किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं की गई है। काउंटर के पास नहीं है पर्याप्त पंखा औराई, बोच...
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