नई दिल्ली, फरवरी 12 -- प्रियदर्शन,वरिष्ठ पत्रकार पूर्व थल सेनाध्यक्ष मनोज नरवणे की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को लेकर पैदा हुआ विवाद क्या आने वाले दिनों में इस किताब के प्रकाशन और इसकी बिक्री में बाधा बनेगा? किताबों से जुड़े विवादों का इतिहास इसकी पुष्टि नहीं करता। उल्टे यह पता चलता है कि जिन किताबों पर कोई विवाद छिड़ा, उनकी बिक्री बेतहाशा बढ़ गई। इसका बेहतरीन उदाहरण तसलीमा नसरीन का उपन्यास लज्जा है, जिस पर बांग्लादेश में हुए बवाल के बाद वह अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि की किताब हो गई। हिंदी में जब यह उपन्यास छापा, तो उसकी लाखों प्रतियां बिकीं, यहां तक कि उसके जाली संस्करण भी निकल गए। इसी तरह, जब सलमान रुश्दी की किताब सैटेनिक वर्सेज के खिलाफ ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्ला खुमैनी ने फतवा जारी किया और भारत सहित कई देशों में उस पर पाबंदी लगी, त...