नई दिल्ली, फरवरी 10 -- शैलेश चतुर्वेदी,खेल पत्रकार जो क्रिकेट विश्व कप था, वह राजनीति का विश्व कप बना। फिर राजनीति के सिक्के से दूसरा पहलू निकला। जो निकला, वह 'सिक्का' ही था, यानी पैसा। यह ऐसा क्रिकेट विश्व कप है, जहां खेल व खिलाड़ियों से ज्यादा राजनीति, कूटनीति और राजस्व की चर्चा हो रही है। अंतत: कूटनीति के साम, दाम, दंड, भेद में सबसे ज्यादा काम आया 'दाम'। दाम की वजह से मिलने वाले दंड ने ही यह सुनिश्चित किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को वर्ल्ड कप टी-20 का मैच होगा। मामला उस प्रकरण से शुरू हुआ, जिससे पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं था। आईपीएल में मुस्तफिजुर रहमान के खेलने से शुरू हुए विवाद ने यहां तक तूल पकड़ा कि बांग्लादेश ने भारत आने से मना कर दिया। पाकिस्तान ने यहीं पर एंट्री ली, जो राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिये से उसे भले सही...
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