सराईकेला, फरवरी 2 -- सरायकेला,संवाददाता। केवट समाज ने परंपरा को जीवंत रखते हुए इस वर्ष भी मां उहरापाट की पूजा पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ की। पूर्वजों के समय से चली आ रही यह पूजा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करती है। केवट समाज की ओर से प्रकृति और शक्ति की उपासना की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है। मां उहरापाट की पूजा पूर्वजों के समय से की जा रही है। जिसमें डुमरडीहा, चपड़ा, विक्रमपुर, दीघी के केवट समाज हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान समाज के सभी लोग उपस्थित थे। पुजारी सकूल केवट ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर अनुधवज केवट, राधा कृष्ण केवट, सूरज केवट, मकरध्वज केवट, रंजीत केवट, डोडलो केवट, अभय केवट, झपडू केवट और समाज के सभी लोग उपस्थित थे।

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