नई दिल्ली, जनवरी 31 -- केरल हाईकोर्ट ने मस्तिष्क और सिर की जन्मजात विकृतियों से ग्रसित 31 सप्ताह से अधिक समय के भ्रूण का चिकित्सकीय गर्भपात कराने की एक दंपति को अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति शोबा अन्नम्मा ईपेन ने एक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी, जिसमें कहा गया था कि यदि बच्चे का जन्म होता है, तो वह गंभीर शारीरिक विकृतियों वाला होगा। बोर्ड ने यह भी राय दी थी कि गर्भावस्था जारी रखने से गर्भस्थ शिशु के मानसिक स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। अदालत ने तथ्यों, रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्रियों, विषय पर कानून के स्थापित सिद्धांतों और मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों पर विचार करने के बाद कहा कि गर्भपात से इनकार करने से परिवार की पीड़ा बढ़ सकती है। हाईकोर्ट ने कोट्टयम मेडिकल कॉलेज को गर्भावस्था समाप्त करने का निर्देश दिया...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.