नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- केरल की पावन धरती, जहां नारियल के हरे-भरे बागान समुद्र की लहरों का आलिंगन करते हैं और पश्चिमी घाट की पर्वत शृंखलाएं मानसून की बूंदों से सराबोर हो जाती हैं, एक ऐसी क्रांति की साक्षी बनी है, जो समूचे भारत को प्रेरणा दे रही है। 1 नवंबर को, केरल पिरवी दिवस के पवित्र अवसर पर, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ऐतिहासिक घोषणा की- केरल अब अत्यधिक गरीबी से पूर्णतः मुक्त हो चुका है। यह भारत का पहला राज्य है, जिसने इस असाधारण उपलब्धि को हासिल किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं का उदय और समावेशी समाज के निर्माण की विजय है। कल्पना करें, उन घरों की, जहां कभी भूख और अभाव की छाया मंडराती थी, वहां आज आत्मसम्मान और समृद्धि की किरणें झिलमिला रही हैं। यह कहानी बताती है कि यदि नीयत साफ और इच्छाशक्ति अटल हो, तो गरीब...