नई दिल्ली, मई 6 -- केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केरल सरकार के रुख का विरोध किया। राज्य सरकार ने विधानसभा में पारित विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष केरल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. के. वेणुगोपाल की दलील का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विरोध किया। मेहता ने कहा कि ये संवैधानिक मुद्दे हैं। इसे हल्के-फुल्के तरीके से दायर नहीं किया जा सकता और हल्के में वापस नहीं लिया जा सकता। हम इसमें शामिल मुद्दों पर काम कर रहे हैं। वेणुगोपाल ने इसे 'अजीब' बताते हुए पूछा कि उनकी याचिका का विरोध कैसे किया जा सकता है। मेहता ने कहा कि जब आपके जैसे कद का व्यक्ति याचिका वापस लेता है तो इसे भी गंभीरता से लिय...
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