अररिया, जनवरी 31 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। फारबिसगंज-सरायगढ़ रेलखंड के अमान परिवर्तन हो जाने के बाद फारबिसगंज स्थित सीताधार पर बनने वाले रेलपुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण रेलवे ने इस लाइन को जोगबनी से आने वाली रेल लाइन से जोड़कर ट्रेनो के परिचालन हेतु एक वैकल्पिक व्यवस्था कर रखी थी, परंतु अब जब लगभग 2 वर्ष पूर्व ही सीताधार पर रेल पुल का निर्माण पूरा हो चुका है और मुख्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा इसका निरीक्षण कर ट्रेनो के परिचालन हेतु स्वीकृति भी प्रदान कर दी है, तो ऐसे में इस नवनिर्मित रेलपुल से होकर दरभंगा-सहरसा की ओर से आने वाली ट्रेने अभी भी पुराने वैकल्पिक मार्ग से ही चल रही है। फारबिसगंज स्थित केजे 65 रेलवे क्रॉसिंग पर के दोनों और रेल पटरियां बिछीं हुई है,परंतु महज 18 मीटर का हिस्सा न जाने किन परिस्थितियों में अधूरा छोड़ दिया...
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