नवादा, जनवरी 15 -- नवादा/हिसुआ, हिसं/निसं। भारतीय रेलवे एक ओर वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों को चलाकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं दूसरी ओर मगध क्षेत्र के अति महत्वपूर्ण किऊल-गया रेलखंड पर सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की जिंदगी अघोषित ब्लॉक और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ रही है। तिलैया जंक्शन इन दिनों रेल कुप्रबंधन का केंद्र बन गया है, जहां शाम ढलते ही यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगता है। हालांकि सुबह भी बहुत राहत भरी साबित नहीं हो रही है। इस रेलखंड का तिलैया जंक्शन सबसे अधिक परेशानीदायक बना पड़ा है, जहां पैसेंजर ट्रेनों के यात्री भारी परेशानी का सामना करने को बाध्य हैं। लम्बे अरसे से कोई समाधान नहीं निकल पाना संकट का कारण बना पड़ा है। तिलैया जंक्शन के पूर्वी आउटर पर हर शाम एक ही कहानी दोहराई जाती है। गया से किऊल की ओर जाने वाली पैसें...