लखनऊ, जनवरी 30 -- केजीएमयू में अब फेफड़े और दिल का प्रत्यारोपण हो सकेगा। ब्रेन डेड मरीजों के अंगदान से यह सुविधा की शुरू की जा सकेगी। इसके लिए सभी तैयारी की जा चुकी हैं। केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि शताब्दी भवन में अंगों के प्रत्यारोपण के लिए विशेष ट्रांसप्लांट यूनिट को तैयार किया गया है। इस यूनिट में मरीजों के अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी हर तरह की अत्याधुनिक मशीनें आदि सुविधाएं हैं। केजीएमयू में अभी तक लिवर, गुर्दा और कॉर्निया प्रत्यारोपण की ही सुविधा है। अब फेफड़े और दिल का प्रत्यारोपण भी किया जाएगा। लिवर, गुर्दा या कॉर्निया प्रत्यारोपण में परिवार या रिश्तेदार का कोई व्यक्ति आमतौर पर अंगदान करता है। तमाम जांचों के बाद मरीजों का अंग प्रत्यारोपण किया जाता है। सिर्फ ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से ही प्रत्यारोपण फे...