लखनऊ, अगस्त 29 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू के मानसिक स्वास्थ्य विभाग में आईक्यू जांच के लिए एक से डेढ़ महीने का समय लगा रहा है। इसकी वजह से प्रदेश भर से आने वाले मरीजों को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। मानसिक रोगी व उसकी आशंका में पीड़ित बड़ी संख्या में बच्चे विभाग में आ रहे हैं। 20 से 30 प्रतिशत बच्चों को आईक्यू समेत दूसरी जांच कराने की सलाह दी जा रही है। जब परिवारीजन जांच के लिए यूनिट में पहुंच रहे हैं तो उन्हें बाद में बुलाया जा रहा है। परिजनों को मोबाइल नम्बर दिया जा रहा है। परिवारीजनों का आरोप है कि मोबाइल उठता नहीं है। नतीजतन जांच की तारीख का पता लगाने के लिए परिवारीजन विभाग में भटक रहे हैं। सुरेश कुमार ने बताया कि उनके बच्चे को विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अग्रवाल ने देखा। कुछ दवाएं व जांचें लिखी। इसमें आईक्यू जांच भी शामिल...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.